Khush Rehne Ka Mantar
किसी ने पूछा कि तुम इतने #खुश कैसे रहते हो ?
तो हमने कहा कि,
मैनें #ज़िंदगी की गाड़ी से
वो साइड ग्लास ही हटा दिया,
जिसमें पीछे छूटे रास्ते
और #रिश्ते नज़र आतें हैं....
किसी ने पूछा कि तुम इतने #खुश कैसे रहते हो ?
तो हमने कहा कि,
मैनें #ज़िंदगी की गाड़ी से
वो साइड ग्लास ही हटा दिया,
जिसमें पीछे छूटे रास्ते
और #रिश्ते नज़र आतें हैं....
#जिंदगी को इतना सिरियस
लेने की जरूरत नही यारों,
यहाँ से जिन्दा बचकर
कोई नही जायेगा!
जिनके पास सिर्फ सिक्के थे
वो मज़े से भीगते रहे बारिश में ...
जिनके जेब में नोट थे
वो छत तलाशते रह गए...
जो हमे समझ ही नहीं सका ,
उसे हक है हमें बुरा समझने का...
.
जो हम को जान लेता है ,
वो हम पर जान देता है !!
अभी तो नोंटों को बदला है,
अब देश बदलने की बारी है।
तुम सबका जो साथ रहा तो,
अब लाहौर की करनी तैयारी है।
देश हित में कष्ट उठा लो,
देशभक्त का फर्ज निभा लो।
अब तो न तुमको सरहद जाना है,
न करनी गोली बारी है।।
किसी ने हम से पूछा
इतने छोटे से दिल में
इतने सारे दोस्त कैसे समां जाते हैं;
हम ने कहा
वैसे ही जैसे छोटी सी हथेली में
सारे #जिंदगी की लकीरें समां जाती हैं