बाल कटाकर सब अपनी पहचान बेचने चले !
गुरु ने जो दिए थे सब निशान बेचने चले !
बेटे को अल्कोहल खा गई
ऊपर से कैंसर पिता को पहले थी
जमीन बेची अब मकान बेचने चले !
लूट लेते हैं भोले किसान को मंडियों में
व्यापारी कम दाम पड़ता
फिर भी फसल किसान बेचने चले !
क्या महिला बनाना यारा तूने
सच को लगाकर फांसी लूटो की तरफ
देख लेना जब तुम ब्यान बेचने चले !
कहीं धंधा जिस्म फरोशी का
कहीं है बिक्री लड़कियों की तौबा मेरे मालका
इंसानों को इंसान बेचने चले !
हम पत्थरों को पूजने वाले
उस राम को कैसे पाएंगे
अपना व्यापार करने के लिए
लकड़ी का भगवान बेचने चले !!!
अच्छा वक़्त सिर्फ उसी का होता है,
जो कभी किसी का बुरा नहीं सोचते !!
सुख दुख तो अतिथि है,
बारी बारी से आयेंगे चले जायेंगे..
यदि वो नहीं आयेंगे तो
हम अनुभव कहां से लायेंगे !!!
बिछड़े हुऐ प्रेमी का अपनी प्रेमिका से सवाल –
मिले ग़र ज़िंदगी में , तो पूछगें तुझसे ज़रूर ,
कि बता क्या रही थी तुम्हारी ..
हमें छोड़ कर कि जाने की मजबूरियाँ !
प्रेमिका का अपने प्रेमी को जवाब –
मेरी मजबूरियाँ के बारे में बातें करने वाले ,
यह भी तो देख – ओ तनहा हो जाने वाले !
तेरे प्यार से पहले मेरे हिस्से में ,
मेरे माँ – बाप का भी प्यार आता है !
जन्मदिन है तुम्हारा मुबारक बात देंगे,
दोस्त बनाया है तो साथ भी देंगे
चाहे किसी मुकाम पर भी,
दोस्तो में तेरा ही नाम आयेगा
तुम्हारा #जन्मदिन हमें बहुत याद आयेगा...