Dunia Ka Lihaz Rakh kar
अपनी "आदतों" के अनुसार चलने में,
इतनी "गलतियां" नहीं होती....
जितनी दुनिया का ख्याल और लिहाज़…
रख कर चलने में होती है !!!
अपनी "आदतों" के अनुसार चलने में,
इतनी "गलतियां" नहीं होती....
जितनी दुनिया का ख्याल और लिहाज़…
रख कर चलने में होती है !!!
हम बदलते है तो निज़ाम बदल जाते है,
सारे मंजर, सारे अंजाम बदल जाते है,
कौन कहता है "भगत सिंह" फिर नहीं पैदा होते ?
पैदा तो होते है बस नाम बदल जाते है
ज़माने भर में मिलते हैं आशिक कई ,
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता ।
नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमट कर मरे हैं कई ,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता ।
आओ नमन करें उन शहीदों का जो हुए हैं कुर्बान
इस ज़ज्बे से और हमें दे गए हैं यह आज़ादी तोहफे में।
चड़ गये जो हँस कर सूली
खाई जिन्होने सीने पर गोली
हम उनको प्रणाम करते हैं!!!
जो मिट गये देश पर
हम सब उनको सलाम करते हैं!
स्वतंत्रता दिवस की बधाई !!!