ज़िंदगी का ये #सफर, तमाम अब होने को है
गुज़र गया ये दिन भी, शाम अब होने को है
बहुत दौड़ा हूँ मैं इन पथरीली राहों पे दोस्तो,
लगता है आंसुओं को, आराम अब होने को है
जायेगा छूट पीछा दुनिया के रंजोगम से अब,
हर शख्स को, आखिरी सलाम अब होने को है
बहुत #दिल दुखाया है लोगों ने बन कर अपना,
खुदाया उनका इंतक़ाम, तमाम अब होने को है
सोचा न था कि होगी ऐसे बसर ज़िन्दगी,
लो अच्छा हुआ कि पूरा, इंतज़ाम अब होने को है

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