ये ज़िंदगी के खेल भी कित्ने अजीब होते हैं
सच्चाई की राह में हमेशा काँटे नसीब होते हैं
नहीं चाहता कोई अपनों से दूर होना “मिश्र”
पर देते हैं वही धोखे जो दिल के करीब होते हैं
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ये ज़िंदगी के खेल भी कित्ने अजीब होते हैं
सच्चाई की राह में हमेशा काँटे नसीब होते हैं
नहीं चाहता कोई अपनों से दूर होना “मिश्र”
पर देते हैं वही धोखे जो दिल के करीब होते हैं