आज वक़्त अच्छा है, तो ज़रा सा संभल कर चलिये
बुरा वक़्त भी आ सकता है, ये बात मान कर चलिये
जब मुश्किलों के अंधरे लगें घेरने तब के लिये,
दौलत की रोशनी व अपनों का साया, बचा कर चलिये
वक़्त कब बदल जाये किसको क्या पता यारो,
कल के सफ़र के लिये भी, आज राहें बना कर चलिये
न करो आज ऐसा जो कल को बिगाड़ दे ,
चाहिये सुकून कल, तो आज दुनिया से बना कर चलिये

Leave a Comment