मैं कैसे भूल जाऊँ ये, वो कभी हमराज़ होते थे
वाह क्या बात थी उनमें, निराले अंदाज़ होते थे
वक़्त ने ये क्या सितम कर दिया हम पर,
खो गये वो शब्द उनके, जो मेरी आवाज़ होते थे...

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