कुछ नहीं नसीब में, गर तू नहीं है
ये ज़िंदगी बेकार है, गर तू नहीं है
आये हैं दुनिया में सिर्फ तेरे लिये,
मेरा कोई वज़ूद नहीं, गर तू नहीं है
मुस्कराते हैं फूल भोंरों के लिये,
मैं कैसे मुस्कराऊं, गर तू नहीं है
खुदा ने दिये हैं चंद लम्हें बस,
बुला लेगा वो वापस, गर तू नहीं है

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