यूँ ना कुरेदो मेरे #दिल को...
इसका घाव बहुत #गहरा है !
किसी की #चाहत का है बसा...
इसमें #प्यार बहुत गहरा है !
वो कर ना सके #इज़हार हमसे...
#मोहब्बत का तो क्या हुआ यारों..
आज भी उनके #दिल में मेरी..
#चाहत का #प्यार बहुत गहरा है ||

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