बिना तपती धूप के छांव का मज़ा कुछ भी नहीं
बिना मुश्किलों के खुशी का मज़ा कुछ भी नहीं
गर मशाले न हों तो खाने का मज़ा कुछ भी नहीं
बिना हार देखे जीतने का मज़ा कुछ भी नहीं
बिना कष्ट झेले सफलता का मज़ा कुछ भी नहीं
बिना कुछ गंवाये पाने का मज़ा कुछ भी नहीं
कंजूस के लिये दौलत का मज़ा कुछ भी नहीं
बिना कश्मकश के जीने का मज़ा कुछ भी नहीं...
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