खुदा ने कैसा मंज़र दिखाया हे,
बेवफाई का आलम छाया है,
चलेगे फिर कभी #मोहब्बत की राहों पर,
अभी तो अपनी राह पर चलना आया है
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खुदा ने कैसा मंज़र दिखाया हे,
बेवफाई का आलम छाया है,
चलेगे फिर कभी #मोहब्बत की राहों पर,
अभी तो अपनी राह पर चलना आया है