किसी से मोहब्बत हम, निभाएं तो कैसे निभाएं
हर तरफ हैं कांटे, खुद को बचाएं तो कैसे बचाएं
#मोहब्बत हर किसी के मुक़द्दर में नहीं होती,
दिल में जीने की तमन्ना, जगाएं तो कैसे जगाएं
अब अपने भी साथ नहीं दिया करते अपनों का,
#ज़िन्दगी के हसीन सपने, सजाएँ तो कैसे सजाएं
सोचते हैं कि डुबो दें दुनिया को ख़ुशी के रंग में,
मगर खुशियों के रंग, हम बनायें तो कैसे बनायें
बद्किस्मत हैं वो जो नफरतों का बोझ ढोते हैं,
उनके ज़िगर में, #प्यार को बसायें तो कैसे बसायें...
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