दिल मेरा कोई शीशा नहीं जो यूं ही टूट जाएगा
अगर खंज़र भी चुभाओगे तो वो भी टूट जाएगा
मार लो जितना कस के मार सकते हो दोस्तो
इस फौलाद से टकरा कर पत्थर भी टूट जाएगा
जमाने की रूसबाईयों ने सख़्त बना दिया इसे
अब इसको रुलाने में यारों को पसीना छूट जाएगा
वक़्त था जब प्यार के झरने फूटते थे इससे
अब इतना शुष्क है कि रेगिस्तान पीछे छूट जाएग
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