तुम मुझे खुशियों के वो पल दोबारा दे दो
मेरी डूबती नैया को ज़रा सा सहारा दे दो
मुद्दत सी गुज़र गयी हमें अकेले अकेले,
बस इक बार अपनी झलक का नज़ारा दे दो
भले ही गुलाब फैले हैं तुम्हारे दामन में,
मुझे खुशबू नहीं बस यादों का पिटारा दे दो
मैं तो दर्द के दरिया में अब डूबने लगा हूँ,
बस बढ़ा के हाथ अपना मुझे किनारा दे दो
You May Also Like





