मनाना चाहो तो त्यौहार है ज़िंदगी
खुशी से जियो तो प्यार है ज़िंदगी
सुनना चाहो तो संगीत है ज़िंदगी
खेलना चाहो तो हार जीत है ज़िंदगी
देखना चाहो तो ख्वाब है ज़िंदगी
पढ़ना चाहो तो किताब है ज़िंदगी
चढ़ने न पाओ तो पहाड़ है ज़िंदगी
अगर गिर गये तो भाड़ है ज़िंदगी
रो कर जिये तो कब्रस्तान है ज़िंदगी
हंस कर जिये तो गुलिश्तान है ज़िंदगी
ज़िंदगी की राह पर ज़रा प्यार से चलिये
आखिरी ठिकाने तक की राह है ज़िंदगी

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