ये दिल हमारा इस कदर, यूं फटा न होता
अगर ये अपनों के फेर में, यूं फंसा न होता
कुछ तो कुसूर है अपना पिछले जनम का,
वर्ना #नसीब अपना धूल से, यूं पटा न होता
जीत जाता हर कोई ज़िंदगी की जंग यारो,
गर #ज़िन्दगी में अहम का, यूं नशा न होता
किस कदर घुस कर दिलों में मारते हैं लोग,
अगर जान जाते पहले से, यूं हादसा न होता

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