अपनों के ज़ुनून में सपनों को मिटा दिया हमने,
रिश्तों की चाह में खुद को भी मिटा दिया हमने
जब तक जान पाते कि झूठे हैं ये नाते रिश्ते,
उनकी कुटिल चालों में सब कुछ मिटा दिया हमने
You May Also Like






अपनों के ज़ुनून में सपनों को मिटा दिया हमने,
रिश्तों की चाह में खुद को भी मिटा दिया हमने
जब तक जान पाते कि झूठे हैं ये नाते रिश्ते,
उनकी कुटिल चालों में सब कुछ मिटा दिया हमने