इस #जीवन की चादर में, सुख दुःख तो ताना बाना है
इसमें जितना दुःख आना है, उतना सुख भी आना है
क्यों होते हो विचलित इतना इस दुनिया में आ कर,
सब कुछ करता ऊपर वाला, जो मन में उसने ठाना है
कितनी ही कोशिश कर लो दामन में सब कुछ भरने की,
मिलना तुमको उतना ही है, जितना #नसीब ने पाना है
ये चादर मैली ना हो जाये बस तुम इसका उपचार करो,
ऊपर वाला सब कुछ देगा, ये तो ऋषियों ने भी माना है...

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