बस आँखों को इंतज़ार थमा कर चला गया कोई
वादा निभाने का वादा थमा कर चला गया कोई
सुनसान हो गया महफ़िलों का चमन भी अब तो
ज़िन्दगी को तन्हाईयाँ थमा कर चला गया कोई
कभी उसी से महकता था मेरे मन का ये उपवन
दर्द ए दिल की हर दवा छुपा कर चला गया कोई
चले थे साथ मिल कर कभी खुशियों की राह में
मंज़िल से पहले ही रंग दिखा कर चला गया कोई...
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