गुज़रेगी चैन से ज़िन्दगी, हम भी मतलब परस्त हो गए,
चमकते थे सितारे बन आँखों में जो, कब के अस्त हो गए
सीख पाये हैं ये हुनर #ज़िन्दगी बिखर जाने के बाद दोस्तो,
जो संभाले थे हौसले जतन से हमने, ख़ुदाया पस्त हो गए !
हमने मगर आदमी की दी नफरतों से, फ़रिश्ते भी त्रस्त हो गए,
कर दी क़ुर्बान ज़िन्दगी की हर ख़ुशी जिनके लिए,
आज वही हम को भुला कर, अपने ख़्वाबों में मस्त हो गए !

Leave a Comment