गर हौसला है तो मंज़िल ज़रूर मिलती है
घोर अंधेरे के बाद रोशनी ज़रूर मिलती है
ग़म न हों तो ज़िंदगी का क्या मज़ा यारो
लू से तड़पते राही को छाया ज़रूर मिलती है
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गर हौसला है तो मंज़िल ज़रूर मिलती है
घोर अंधेरे के बाद रोशनी ज़रूर मिलती है
ग़म न हों तो ज़िंदगी का क्या मज़ा यारो
लू से तड़पते राही को छाया ज़रूर मिलती है