हमारी चाहत को, अपनी चाहत बना के तो देखो
कभी हमारे ज़ख्मों को, अपना समझ के तो देखो
कभी न समझी हमारे आँसुओं की कीमत तुमने,
आँखों से बहता ये दरिया, ज़रा पास आके तो देखो
हमने तो अपनी हर सांस नाम कर दी है तुम्हारे,
कभी हमारी धडकनों को, अपनी बना के तो देखो
बड़े ही प्यार से बख्सी है हमको ये ज़िंदगी उसने,
कभी उसी के नाम पर, मोहब्बत निभा के तो देखो...
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