दुनिया में खुशियों के नज़ारे, कम नज़र आते हैं,
हर किसी के दिल में, गम ही गम नज़र आते हैं !
जब ठहर जाता है #ज़िन्दगी का कारवां कहीं पे,
पीछे यादों की गर्द, आगे रस्ते बंद नज़र आते हैं !
फ़ितरतों से बाज़ नहीं आता फिर भी ये आदमी,
मुखौटा #प्यार का, पर दिलों में ख़म नज़र आते हैं !
दिन रैन लगे रहते हैं लोगों का हितैषी जताने में,
मगर ईमानो धरम, खोये हुए हरदम नज़र आते हैं !
अंत नहीं ख्वाहिशों का लोगों के दिलों में दोस्तों,
अधूरी ख्वाहिशें से आहत, चेहरे बेदम नज़र आते हैं !

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