ज़रा सी तेज़ हवा को, तूफ़ान मत समझो
वक़्त के मारों को, बे ईमान मत समझो
अपने अंदर भी झांक कर देख लो कुछ,
यूं ही किसी और को, शैतान मत समझो
ज़माना जानता है फितरत हर किसी की,
दुनिया में किसी को, नादान मत समझो
जो सच है उसी को ही पहिचानो दोस्तो,
हर किसी को अपना, भगवान मत समझो
न कर सको भला तो कोई बात नहीं, पर
किसी के लिए करना, अहसान मत समझो

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