पता नहीं ये दुनिया किधर जा रही है
इंसानियत खून के आंसू वहा रही है
दुश्मनी का जैसे सैलाव आ गया है,
दोस्ती, दुश्मनी में बदलती जा रही है
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पता नहीं ये दुनिया किधर जा रही है
इंसानियत खून के आंसू वहा रही है
दुश्मनी का जैसे सैलाव आ गया है,
दोस्ती, दुश्मनी में बदलती जा रही है