खुशियों की महफिल भी, कहर नज़र आती है
किसी की मीठी ज़ुबां भी, ज़हर नज़र आती है
जब टूटता है #दिल तो न भाती ये दुनिया,
संभलने की हर कोशिश, बे असर नज़र आती है..
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खुशियों की महफिल भी, कहर नज़र आती है
किसी की मीठी ज़ुबां भी, ज़हर नज़र आती है
जब टूटता है #दिल तो न भाती ये दुनिया,
संभलने की हर कोशिश, बे असर नज़र आती है..