आज आँखों से आँखें, नहीं मिलाता कोई
आज #दिल से भी दिल, नहीं मिलाता कोई
नज़र आता है हर कोई खोया हुआ सा,
अब महफ़िल में जलवे, नहीं दिखाता कोई
भागता फिरता है न जाने क्या पाने को,
अब अपनों में चंद लम्हें, नहीं बिताता कोई
खोजता फिरता है वो जीने के साधन नए,
मगर अपने लिए कुछ भी, नहीं बनाता कोई
ये ख्वाहिशें ये सामान किस के लिए है,
सब कुछ यहीं का है, साथ नहीं ले जाता कोई...
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