दिल के जज़्बात मैं, ज़माने को जता देता हूँ,
दिल की हर एक बात, यारों को बता देता हूँ !
उठाता हूँ नुक्सान भी इस दरियादिली का मैं,
पर लोगों की ज़फ़ा का, अंदाज़ लगा लेता हूँ !
वो दिन वो शाम वो रातें सब आँखों में हैं मेरी,
बस उन्हीं से मैं यादों का, कारवां सजा लेता हूँ !
इतनी फुर्सत नहीं कि अपना मुकद्दर टटोलूं,
अल्लाह के नाम पर, हर वक़्त मुस्करा लेता हूँ !
गुज़र जाएगी ये #ज़िन्दगी बस यूं ही रोते हँसते,
खुशियां हो या ग़म, सभी को साथी बना लेता हूँ !
You May Also Like





