एक फ्लैट में घंटी बजती है
और महिला जो घर में अकेली है दरवाज़ा खोलती है ...
भिक्षुक:- माई, भिक्षा दे
महिला:- ले लो, महाराज
भिक्षुक:- माई ... ज़रा यह द्वार पार करके बाहर तो आना
वह द्वार पार करके बाहर आती है।
भिक्षुक (उसे पकड़ते हुए ): हा .. हा ... हा ... मैं भिक्षुक नहीं, रावण हूं !
महिला: हा .. हा .. हा ... मैं भी सीता नहीं, कामवाली बाई हूँ :D :P
रावण : हा..हा..हा.. सीता का अपहरण करके आज तक पछता रहा हूं,
तुम्हें ले जाऊंगा तो मंदोदरी खुश हो जायेगी।
मुझे भी कामवाली बाई की ही ज़रूरत है  ;) :D
महिला : हा, हा, हा !
सीता को ढूंढने सिर्फ राम आऐ थे
मुझे ले जाओगे तो सारी बिल्डिंग ढूंढते पहुंच जाएगी :D :P
Raavan Shocked

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