आइना ए दिल की चाहत, कि पत्थर से अकड़ जाये
ठान रखी है उस पगले ने, कि टुकड़ों में बिखर जाये
जी नहीं भरता उस #दिवाने का उनके एक अक्स से,
सोचता है उनके अक्सों से, उसका ज़िगर भर जाये...

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