Yahi hai Raaz E Zindagi
गम भरे दिल को, चेहरे की हंसी से छुपाइये
जो चाहो सो बोलो मगर, हाले दिल मत सुनाईये
रूठिये मत खुद कभी, पर औरों को मनाईये
यही है राज-ऐ-जिंदगी बस यूं ही जीते चले जाइये...
गम भरे दिल को, चेहरे की हंसी से छुपाइये
जो चाहो सो बोलो मगर, हाले दिल मत सुनाईये
रूठिये मत खुद कभी, पर औरों को मनाईये
यही है राज-ऐ-जिंदगी बस यूं ही जीते चले जाइये...
एक लम्हां नहीं जिस लम्हां तुम्हारी #याद नहीं
वो सुबह नहीं वो शाम नहीं जब तुम्हारी बात नहीं
तुम्हारी यादों को हमसे जुदा कर दे,
इतनी तो उस बेरहम #मौत की भी औकात नहीं
दोस्तों में दूरियां कितनी भी हों, कोई फर्क नहीं पड़ता है ,
महीनों से कोई संवाद न हो, फिर भी कोई फर्क नहीं पड़ता है
बस बात दिलों की दूरी की है,
#दिल से दिल नज़दीक रहें, तो कोई फर्क नहीं पड़ता है
दुनियाँ की इस भीड़ में, अपनों को भुला दिया तुमने
जो तुम्हारी राह तकता था, उसे भी रुला दिया तुमने
पत्थरों को जमा करने में इतना खो गये तुम,
कि जो हीरे तुम्हारे थे, उनको को भी गवा दिया तुमने