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Jnaaja mera uth rha thaa

जनाजा मेरा उठ रहा था,
फिर भी तकलीफ थी उसे आने में!
बेवफा घर में बैठी पूछ रही थी,
और कितनी देर है दफनाने में?
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Maut Se Kya Darna

मौत से क्यों डरते हैं हम, उसे तो आना ज़रूर है
क़फन तो अखिरी चोला है, उसको बदलना ज़रूर है
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Sara Khel Dosti Ka Hai

अगर बिकी तेरी #दोस्ती,
तो पहले ख़रीददार हम होंगे..!
तुझे ख़बर न होगी तेरी क़ीमत,
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Aashiq ka janaja mila

किताब ए #इश्क़ में क्या कुछ दफ़्न मिला,
मुड़े हुए #पन्नों में एक भूला हुआ #वादा मिला...
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Khuda ki rehmat ne pukara

दिखा आज कुछ ऐसा यारों,
क्या, वो दिलकश #नज़ारा था...
मिला राह में फिर से मुझको,
एक #हमनशी का ज़नाजा था..
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Shayari In English

इंग्लिश में हिंदी शायरी
The जनाजा of आशिक़
is निकला from the
गली of महबूबा
with very ज़ोर शोर

The महबूबा झांकी from the door
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