56 Results
किसी ने मिट्टी का बना दिया
किसी ने पत्थर का बना दिया
मैंने तो जान बख्शी थी सबको
View Full
हर ग़म से गुज़रा हूँ, अब खुशियों का इंतज़ार नहीं
अब तक ज़िंदा हूँ मगर, अब जीने की दरकार नहीं
View Full
आज कल मुस्कराने का, कोई आधार नहीं मिलता
किसी को कैसे कहें अपना, वो आधार नहीं मिलता
View Full
हर किसी को दी #इज्ज़त अब #रास नही आती,
ये #दुनिया अपनी मक्कारी से #
बाज नही आती...
शब्दों के #ज़हर घोलने पर भी,
View Full
क्या दौर आया है #वक़्त का यारो,
हरेक शख्स पर छाया, #मोहब्बत का बुखार मिलता है...
View Full
बा -मुश्किल मिली है आज़ादी, ज़रा संभल के रहिये
पहना दे बेड़िया फिर से न कोई, ज़रा संभल के रहिये
View Full
ये दुनिया वो दुनिया नहीं, जिसकी तलाश में तू है
इधर ईमान नहीं मिलता, जिसकी तलाश में तू है
View Full
ज़िन्दगी बिता दी मगर वो मोहब्बत नामिली
अपनों की बेरूखी से हमें कभी फुर्सत ना मिली
View Full
जीना चाहते हैं मगर ज़िन्दगी रास नहीं आती,
मरना चाहते हैं मगर मौत पास नहीं आती
View Full
मुकद्दर लिखने वाले, तूने ये क्या काम कर दिया
तूने दुनिया के सारे #दर्द को, मेरे ही नाम कर दिया
View Full